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धान खरीदी केंद्र लेंधरा (छोटे) में पत्रकारों पर जानलेवा हमला..

सारंगढ़ – बिलाईगढ़ – धान खरीदी केंद्र लेंधरा (छोटे) में पत्रकारों पर जानलेवा हमला..किसानों की शिकायत पर न्यूज़ कवरेज करने गये थे पत्रकार..लाइट, सीसीटीवी बंद कर फड़प्रभारी सहित अन्य नाकाबपोशों ने किया जानलेवा हमला..मोबाइल पर्स आईडी लुटे…पत्रकारों पर नहीं बल्कि लोकतंत्र औऱ संविधान पर हमला – जनता पत्रकारों ने कोसीर थाना मे कराया अपराध दर्ज..

सारंगढ़: लेंधरा छोटे मे पत्रकारों पर जानलेवा हमला औऱ लूटपात की खबर ने पुरे जिले मे दहशत का माहौल व्याप्त कर दिया है।

ज़ब किसानों की आवाज़ बनने वाले चंद पत्रकारों पर अर्थात संविधान के चौथे स्तम्भ हमला होगा तो संविधान कैसे सुरक्षित हो सकता है? प्रश्न उठना लाज़मी है।

सेवा सहकारी समिति लेंधरा छोटे का मामला- किसानों के अनुसार धान खरीदी केंद्र लेंधरा (छोटे) में अव्यवस्थाएं चरम पर पहुँच गई हैं। किसानों ने केंद्र प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि शासन द्वारा तय 40.600 किलो की सीमा के विरुद्ध केंद्र में 41.500 किलो तक धान खरीदी किए जाने की शिकायत सामने आई है। इससे खरीदी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
किसानों का आरोप है कि जहां सामान्य किसानों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है, वहीं राजनीतिक प्रभाव रखने वाले और दबंग लोगों को घर से ही धान तौलकर लाने की विशेष छूट दी जा रही है। इससे आम किसानों में भारी नाराजगी है।
ग्रामीणों के अनुसार जब किसानों ने इस भेदभाव और अनियमितता का विरोध किया तो केंद्र के जिम्मेदारों द्वारा गाली-गलौच और दुर्व्यवहार किया गया। किसानों की इसी शिकायत की पुष्टि और सच्चाई सामने लाने के लिए पत्रकार धान खरीदी केंद्र पहुँचे थे। जिसमे उनके रहते तक सही तौल होता गया। परन्तु शाम होने के बाद ठंड का बहाना बताकर धान खरीदी रोक दी गयी औऱ सभी किसानों को भगा दिया गया।

किसानों के मसीहा बनने का शौक है कहकर कलमकारों से मारपीट औऱ लूट पात- पीड़ित पत्रकारों के अनुसार फड़ प्रभारी द्वारा तौलाई को बीच मे रोककर बचे किसानों को भगा दिया गया।
जैसे ही किसान भगे अचानक मंडी का लाइट बंद हो गया,सीसीटीवी बंद, फिर चला गुंडागर्दी का राज फड़ प्रभारी, कंप्यूटर ऑपरेटर सहित 20-25 नकाबपोश गुंडों ने कवरेज करने पहुँचे पत्रकारों के साथ मारपीट और लूटपाट जैसी गंभीर घटना घटित हुई, जिससे मामला और भी संवेदनशील हो गया। इस घटना ने न केवल धान खरीदी केंद्र की कार्यप्रणाली, बल्कि प्रशासनिक निगरानी पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

धान खरीदी केंद्र लेंधरा (छोटे) में किसानों से गाली-गलौच और अव्यवस्था की शिकायत पर न्यूज़ कवरेज करने पहुँचे पत्रकारों पर जानलेवा हमला और लूटपाट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित पत्रकारों में केशव वैष्णव (नेशनल न्यूज़ चैनल IND 24) एवं कमल सिंह यादव (जनसंपर्क भारत अखबार) शामिल हैं। दोनों पत्रकारों ने घटना के संबंध में संबंधित थाने में अपराध दर्ज कराया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, धान खरीदी केंद्र में किसानों से दुर्व्यवहार की सूचना मिलने पर दोनों पत्रकार कवरेज के लिए पहुँचे थे। इसी दौरान आरोप है कि शाम 7 बजे करीबन फड़ प्रभारी मोहर लाल साहू, कंप्यूटर ऑपरेटर लखन खूंटे एवं खिलेश्वर साहू ने अपने साथ 20–25 नकाबपोश युवकों को बुलाकर अचानक लाइट बंद कर दी और पत्रकारों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया।

कथित हमले के दौरान पत्रकारों के साथ मारपीट की गई, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। आरोप है कि हमलावरों ने पत्रकारों की आईडी, पर्स तथा कीमती मोबाइल फोन भी लूट लिए और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।

खुद को राजनितिक पार्टी का आदमी बताता है फड़प्रभारी औऱ ऑपरेटर-

पीड़ित पत्रकारों का यह भी आरोप है कि आरोपी खुद को राजनीतिक कार्यकर्ता बताकर पहले भी 20 हजार रुपये की अवैध वसूली का दबाव बना रहे थे। कवरेज के दौरान सच्चाई सामने आने के डर से यह हमला किया गया।
घटना की सूचना मिलते ही पत्रकारों के साथी थाने पहुँचे। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की जल्द पहचान की जायेगी, सीसीटीवी फुटेज व अन्य साक्ष्यों के आधार पर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।



पहले भी घट चुकी है घटना-

सारंगढ़ मे पत्रकारों पर हमला कोई नई बात नहीं है विगत कुछ दिनों पहले भी एक वरिष्ठ पत्रकार पर दुकान घुसकर जानलेवा हमले ने जिले सहित पुरे प्रदेश मे आक्रोश का लहर फैलाया था अब फिर इस घटना ने पत्रकारों के सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर दिया है।
इस घटना के बाद पत्रकार संगठनों और मीडिया जगत में भारी रोष है। पत्रकारों ने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई, सुरक्षा सुनिश्चित करने और धान खरीदी केंद्रों में फैली अव्यवस्थाओं की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
यह हमला न केवल पत्रकारों पर, बल्कि लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला है।
प्रशासन से अपेक्षा है कि दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कड़ी सजा दिलाई जाए।

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